अमृत वन वाटिका में हुआ पौधरोपण
चंदौली

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के शुभ अवसर पर सदर विकास खंड के ग्राम बरठा स्थित ‘उत्तरापथ अमृत वन वाटिका’ में भव्य झंडारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय मंत्री जी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने आजादी के इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, वह मां भारती के वीर सपूतों के अथक संघर्षों और बलिदानों का प्रतिफल है। अपने संबोधन में राज्य मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, और भगत सिंह जैसे महापुरुषों के साथ-साथ अनगिनत गुमनाम नायकों ने देश की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीणों को एक स्वच्छ व सुंदर वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से तालाबों का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इन्हें ‘सरोवर एवं ब्यूटीफाइड गार्डन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भ्रमण और मनोरंजन के लिए एक बेहतर स्थान मिल सके।
झंडारोहण एवं सम्बोधन के बाद पर्यावरण संरक्षण और ‘हरित क्रांति’ का संदेश देते हुए माननीय मंत्री जी, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वाटिका परिसर में सघन पौधारोपण किया गया। मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और कहा कि ‘उत्तरापथ अमृत वन वाटिका’ जैसे प्रयास पर्यावरण को समृद्ध बनाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अनमोल सौगात साबित होंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल, मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई सहित तमाम अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।












