Varanasi news:होली ईश्वर के प्रति आस्था सामाजिक समरसता और उल्लास का प्रतीक पर्व: अशोक विश्वकर्मा

वाराणसी

होली बुराई पर अच्छाई अहंकार के अंत और भगवान के प्रति अटूट आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक पर्व है। यह हिंदू धर्म का सबसे जीवंत और खुशियों का त्योहार है, जिसे फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह रंगों का त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई, प्रेम, भाईचारे और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। यह दो दिवसीय उत्सव है – पहला दिन होलिका दहन और दूसरा दिन रंग खेलने की परंपरा है। होली पर्व की पौराणिक कथा भक्त प्रह्लाद और होलिका की कहानी से जुड़ी हैं, जो बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाती है। इसके अलावा, यह भगवान शिव द्वारा कामदेव को भस्म करने और भगवान कृष्ण द्वारा पूतना के वध से भी संबंधित है।
होलिक दहन के पहले दिन, लोग लकड़ियों के ढेर जलाकर होलिका दहन करते हैं, जो नकारात्मकता को नष्ट करने और सकारात्मकता का प्रतीक है।
और दूसरे दिन, लोग एक-दूसरे पर गुलाल, और रंग डालकर खुशियां मनाते हैं। इस दिन लोग आपसी मतभेद, मनमुटाव और गिले- शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। होली पर घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान गुझिया, ठंडाई, और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का आनंद लिया जाता है। ब्रज क्षेत्र (मथुरा-वृंदावन) की लठमार होली, फूलों की होली, और सिखों का होला मोहल्ला होली के ही विभिन्न रंग हैं। यह पर्व नकारात्मकता को जलाने और सकारात्मक को अपनाने की पौराणिक परंपरा का प्रतीक है तथा यह ऋतु परिवर्तन का संदेश भी है। होली का पर्व केवल आनंद और उत्सव का समय ही नहीं है। बल्कि यह प्रकृति द्वारा मानवता को प्रदान किए गए अनेक उपहारों के प्रति खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम भी है। होली के विविध रंग बहुरंगी जीवन के विभिन्न आयामों को प्रकट करता है। लाल रंग होली का दिल है, जो प्रेम, जुनून, भक्ति और कृष्ण व राधा के दिव्य मिलन एवं प्रेम तथा भक्ति का प्रतीक है। नीला रंग, शांति, अनंत आकाश और प्राणी में प्रवाहित होने वाली जीवन शक्ति का प्रतीक है। हरा रंग ,प्रकृति और जीवन की जीवंत विकास एवं पुनर्जन्म का प्रतीक है। पीला रंग, ज्ञान प्रबुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। नारंगी रंग, हमारे भीतर विद्यमान पवित्र ऊर्जा का प्रतीक है। जो हमारी संस्कृतियों और पवित्र परंपराओं को प्रतिबिंबित करता है। गुलाबी रंग, समृद्धि धन आशा और ब्रह्मांड द्वारा प्रदत्त दिव्य कृपा का प्रतीक है। बैगनी रंग में ज्ञान,रचनात्मकता, आत्मनिरीक्षण और रहस्य के गुण विद्यमान है। होली का पर्व आपसी प्रेम, एकता, सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है, तथा गिले शिकवे भुलाकर नए रिश्ते को जोड़ने जीवन में उमंग भरने और भेदभाव रहित समाज की स्थापना का प्रतीक पर्व है। यह सकारात्मक के साथ बुराइयों को जलाने का भी संदेश देता है।