Varanasi news:विश्वकर्मा पूजा पर राजकीय अवकाश और शिल्प कला बोर्ड की मांग को लेकर महासभा करेगी संघर्ष

विश्वकर्मा पूजा का राजकीय अवकाश और शिल्प कला बोर्ड की स्थापना होने तक महासभा करेगी संघर्ष – अशोक विश्वकर्मा

विश्वकर्मा समाज के विकास और राजनीतिक भागीदारी पर जोर

वाराणसी

वाराणसी। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा है कि परम्परागत रूप से देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला विश्वकर्मा समाज आज भी विकास की मुख्य धारा से कोसों दूर है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि समाज के विकास के लिए अधिकार और अवसर की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके लिए समाज को अनिवार्य शिक्षा के लिए जागरूक किया जाएगा। समाज के होनहार छात्रों के लिए छात्रावास, कोचिंग और छात्रवृत्ति की व्यवस्था की जाएगी। “हर घर से एक अफसर, हर घर से एक इंजीनियर” अभियान शुरू किया जाएगा।

समाज के आर्थिक विकास के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना और यूपी की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को कागजों से निकालकर जमीन पर पहुंचाने का प्रयास होगा। बढ़ई, लोहार, सुनार, ठठेरा, मूर्तिकार के लिए आधुनिक टूलकिट, हाई-स्किल ट्रेनिंग और 5 लाख तक बिना गारंटी लोन दिलाने के लिए शिविर लगाए जाएंगे।

परंपरागत कारीगरों के पलायन को रोकने के लिए शिल्प कला बोर्ड की लंबित मांग को पूरा कराने के लिए आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। वाराणसी, भदोही, मऊ, आजमगढ़ के कारीगर रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। कारीगरों के पलायन को रोकने के लिए उन्होंने मांग की है कि यूपी में शिल्प कला बोर्ड और हर जिले में फर्नीचर एवं हस्तशिल्प क्लस्टर बने, ताकि परंपरागत कारीगरों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके।

उन्होंने समाज पर हो रहे अत्याचार और उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए संविधान में निहित सामाजिक सुरक्षा गारंटी के तहत SC/ST एक्ट की तर्ज पर OBC सुरक्षा एक्ट जैसे कठोर कानून बनाने की मांग की।

उन्होंने विश्वकर्मा पूजा पर्व 17 सितंबर को समाज के गौरव, स्वाभिमान और पहचान का प्रतीक बताते हुए 17 सितम्बर को विश्वकर्मा पूजा पर राजकीय अवकाश और भगवान विश्वकर्मा के जीवन चरित्र को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि सरकार हमारे हुनर को तकनीक से जोड़ दे तो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ का सपना विश्वकर्मा समाज पूरा करेगा।