
आज दिनांक 09 जनवरी को आरपीएफ डीडीयू,बचपन बचाओ आंदोलन,चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम द्वारा प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ डीडीयू प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में ऑपरेशन आहट/ ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत डीडीयू जंक्शन से गुजरने वाली गाड़ियों में चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 08 पर समय 09/20 बजे गाड़ी संख्या 12987 अप अजमेर- सियालदह एक्सप्रेस के सामान्य कोच में 08 नाबालिक बच्चों को यात्रारत पाया गया।संदेह के आधार पर पूछताछ करने पर सभी नाबालिग बच्चों के द्वारा अपना नाम व पता :-
- अजीत कुमार उम्र 15 वर्ष थाना चैनपुर जिला कैमूर बिहार
- घुरहू कुमार उम्र 16 वर्ष थाना चैनपुर जिला कैमूर बिहार
- सोनू कुमार 14 वर्ष थाना चेनारी जिला रोहतास बिहार
- रंजीत कुमार उम्र 13 वर्ष थाना चैनपुर जिला कैमूर बिहार
- पलटू कुमार उम्र 15 वर्ष थाना चैनपुर जिला कैमूर बिहार
- मंटू उम्र 16 वर्ष थाना चैनपुर जिला कैमूर बिहार
- मंजूर आलम कोयल उम्र 14 वर्ष जिला साऊथ 24 परगना पश्चिम बंगाल
- सुहान मौला उम्र 15 वर्ष जिला साऊथ 24 परगना पश्चिम बंगाल बताया गया।
पूछताछ के क्रम में क्रम संख्या 1 से 6 तक के नाबालिक बच्चों ने बताया कि यह सभी आपस मे प्लान बनाकर परिजन को बताये बिना काम करने के लिए जयपुर जा रहे है एवं क्रम संख्या 07 व 08 वाले दोनो नाबालिक बच्चे घर वालों की किसी बात से गुस्सा होकर घर पर बिना बताए अजमेर काम करने के लिए जा रहे है। उक्त सभी नाबालिक लड़कों को उतारकर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट डीडीयू पर लाया गया और चाइल्ड लाइन डीडीयू के स्टाफ के साथ काउंसलिंग किया गया।उक्त सभी नाबालिक बच्चों के परिजनों को उचित माध्यम से सूचना दिया गया।उक्त सभी नाबालिग लड़कों को अग्रिम कार्यवाही हेतु चाइल्ड लाइन डीडीयू के ऑन ड्यूटी स्टाफ को परिजन तक पहुँचाने हेतु सुरक्षित सुपुर्द किया गया।इस अभियान में आरपीएफ टीम की उप निरीक्षक अर्चना मीणा,अश्वनी कुमार,सहायक उप निरीक्षक शाहिद खान,सतीश सिंह,आरक्षी अशोक यादव,बचपन बचाओ आंदोलन टीम की सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती चंदा गुप्ता,चाइल्ड हेल्प डेस्क टीम की सीमा यादव आदि उपलब्ध रहे।
सादर सूचनार्थ।
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