दुल्हिपुर/चंदौली

फ्लोरेंस स्कूल में धूम धाम के साथ मातृ सम्मान दिवस मनाया गया।इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने काव्य, गीत, नृत्य, एवं भाषण प्रतियोगिता सहित विविध रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक अशोक कुमार ने कहा कि मां की ममता निस्वार्थ पवित्र और असीम है, जो बच्चे के जीवन को संवारती है। मां न केवल जन्म देती है बल्कि संस्कारों और प्रेम की नींव रखती है। वह बच्चे की हर जरूरत का ध्यान रखती है। मां की ममता उस निस्वार्थ प्यार का नाम है, जिसमें पाने की कोई इच्छा नहीं सिर्फ देने की भावना होती है। मां की ममता बच्चों के जीवन की सबसे अमूल्य धरोहर होती है। मां की ममता के बिना जीवन की कल्पना करना भी असंभव लगता है, वह हमारी पहली शिक्षक और हमारी दोस्त तथा सबसे बड़ी रक्षक होती है। उन्होंने बताया कि मदर्स डे की शुरुआत 1908 में अमेरिका से हुई। जिसे अन्ना जार्विस नामक महिला ने अपनी मां रिवस जार्विस के सम्मान में शुरू किया था। अन्ना जार्विस चाहती थी की माता के बलिदान और उनके योगदान को याद किया जाए और उन्हें सम्मानित किया जाए मां का प्यार अनमोल और शाश्वत है जिसे शब्दों में नहीं मापा जा सकता हमें हमेशा अपनी मां का सम्मान करना चाहिए और उन्हें प्यार देना चाहिए।





