Chandauli news:24 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी हत्या ब्याज के पैसे का था विवाद

“पुलिस अधीक्षक ने 15 घंटे की सतत मॉनिटरिंग और संयुक्त टीमों के अथक प्रयास से हत्या का सनसनीखेज खुलासा”

चंदौली

ब्याज के विवाद और रंजिश में रची गई थी हत्या की साजिश, डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी मनोज कुमार की हत्या।
चन्दौली पुलिस का बड़ा खुलासा : लोको पायलट ने ही रची थी हत्या की साजिश, बिहार के शूटरों को दी थी सुपारी।
सिर्फ 24 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश, सीडीआर, सीसीटीवी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से हत्यारोपियों तक पहुंची पुलिस।
हत्या में शामिल शूटर गिरफ्तार, बरामदगी के दौरान पुलिस पर झोंका फायर; जवाबी कार्रवाई में घायल होकर दबोचा गया।
मृतक को रुपये देने के बहाने बुलाया, सुनसान स्थान पर ले जाकर शूटरों से कराई हत्या।
हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, खोखा एवं जिन्दा कारतूस बरामद; मुख्य शूटर पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार।

घटना-
दिनांक 06 जून को थाना अलीनगर पर प्रार्थी अशोक कुमार खरवार पूत्र भगवान राम ग्राम छिड़े चतुर्भुजपूर थाना मुगलसराय जिला चन्दौली द्वारा तहरीर दिया गया कि मेरे भाई मनोज कुमार प्रतिदिन की भाँती घर से 06 जून को लगभग सुबह 7:00 बजे काम पर श्रीराम धर्म काटा चन्दासी के लिए निकले थे कि समय करीब 2:30 बजे दिन में सुचना मिली की ग्राम टरियाँ-पटपरा मे सड़क पर किसी अज्ञात बदमाशों द्वारा मनोज कुमार उम्र लगभग 38 वर्ष की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। वादी से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 347/2026 धारा 103(1) में अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक चन्दौली श्री आकाश पटेल द्वारा विभिन्न टीमों गठन किया गया, पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा चकिय तिराहे स्थित पुलिस बूथ पर 15 घंटे तक घटना के खुलासे तक लगातार बैठकर सभी बिंदुओं पर सतत मॉनिटरिंग की गई।
चुनौतियां- अज्ञात व्यक्तियों द्वारा घटना, कोई चश्मदीद साक्षी न होना, मृतक का अपने घर और कार्यस्थल से बिल्कुल अलग जगह मौजूद होना आदि चुनौतियां थी, जिनके बारे में जानकारी की जा रही थी।
साक्ष्य संकलन- मृतक की पहचान के बाद स्पष्ट हुआ कि ये कोयला मंडी में एक धर्म काटे पे काम करता था। धर्म काटे से घटनावाले दिन ये अचानक 01 बजे ये बताकर निकला था कि किसी जानने वाले का एक्सीडेंट हुआ है जिसे देखने अस्पताल जा रहा है। इसके कुछ देर बाद ही हत्या हुई। शव के पास से एक डायरी मिली जिसमें बहुत सारे लोगों को ब्याज पे पैसा देने का उल्लेख था। सीसीटीवी फुटेज देखने से ये संकेत मिला कि मृतक घटनास्थल की ओर अकेले नहीं गया, एक अन्य व्यक्ति दूसरी साइकिल से साथ-साथ गया एवं इनके पीछे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल भी जाती दिखाई दी।
मृतक के CDR में एक सस्पेक्टेड कॉल मिली। जिसे सीसीटीवी फुटेज से मिलान करने पर संदिग्ध के रूप में रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह का नाम सामने आया। उक्त संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

घटना का कारण-
गिरफ्तार अभियुक्त कृष्ण भगवान सिंह पुत्र स्व. अमावस सिंह निवासी भदेसरी, थाना बगेनगोला, जनपद बक्सर (बिहार), हाल पता क्वार्टर नं. 1665 मानस नगर, थाना अलीनगर, जनपद चन्दौली के द्वारा पूछताछ के दौरान बताया कि वर्ष 2020 में उसने मृतक मनोज कुमार से लगभग 03 लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। प्रारम्भ में वह नियमित रूप से किस्तों का भुगतान करता रहा, किन्तु बाद में बीमारी एवं पारिवारिक समस्याओं के कारण शेष धनराशि वापस नहीं कर सका। समय बीतने के साथ ब्याज सहित उक्त रकम बढ़कर लगभग 07 लाख रुपये हो गई थी। मृतक मनोज कुमार लगातार बकाया धनराशि की मांग करता था तथा तकादे के सिलसिले में उसके घर भी आता-जाता रहता था और वह मृतक के लगातार दबाव एवं अपनी बहू के प्रति उसकी कथित गलत नीयत को लेकर मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान और आक्रोशित था। इसी कारण उसने मनोज कुमार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

घटना की योजना-
अभियुक्त कृष्ण भगवान द्वारा योजना को पूर्ण करने के लिए के लिए उसने अपने गांव के समीप रहने वाले परिचित भरत सिंह पुत्र निर्मल सिंह निवासी सुकर टोला, थाना बगेनगोला, जनपद बक्सर (बिहार) से संपर्क किया और मनोज कुमार की हत्या कराने की बात कही। इस पर भरत सिंह ने डेढ़ लाख रुपये लेकर हत्या की जिम्मेदारी स्वयं लेने की बात कही तथा अपने साथ एक अन्य शूटर लाने की जानकारी दी।
अभियुक्त कृष्ण भगवान के अनुसार हत्या की योजना के तहत उसने भरत सिंह को हत्या में प्रयुक्त पिस्टल की व्यवस्था हेतु लगभग 45 हजार रुपये नकद दिए तथा सुपारी की तय रकम में से विभिन्न तिथियों पर जनसेवा केन्द्र के माध्यम से लगभग 45 हजार रुपये उसके खाते में जमा कराए। शेष धनराशि घटना को अंजाम दिए जाने के बाद देने का निर्णय हुआ।
दिनांक 03.जून को भरत सिंह अपने साथी सूरज कुमार उर्फ राजेश पुत्र नन्दजी सिंह निवासी पुलिस का डेरा, थाना जगदीशपुर, जनपद भोजपुर (आरा), बिहार के साथ मुगलसराय स्थित उसके सरकारी आवास पर पहुंचा। अभियुक्त कृष्ण भगवान ने दोनों को अपने परिचित के खाली मकान में ठहराया तथा उनके रहने-खाने की व्यवस्था की। अगले दो दिनों तक अभियुक्त कृष्ण भगवान ने दोनों शूटरों को घटनास्थल, संभावित मार्ग एवं भागने के रास्तों का निरीक्षण कराया तथा हत्या की पूरी साजिश को अंतिम रूप दिया।

दिनांक 06.जून को पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार अभियुक्त कृष्ण भगवान मुगलसराय से चहनियां मार्ग पर स्थित एक मिठाई की दुकान पर पहुंचा, जहां भरत सिंह एवं सूरज उर्फ राजेश भी मोटरसाइकिल से पहुंचे। वहां अभियुक्त कृष्ण भगवान ने अपना मोबाइल खराब होने का बहाना बनाकर दुकान के कर्मचारी का मोबाइल लिया और उसी मोबाइल से मृतक मनोज कुमार को फोन कर ब्याज की रकम देने के बहाने राम मंदिर, लोको कॉलोनी क्षेत्र में बुलाया। मृतक द्वारा सहमति जताने के बाद वह निर्धारित स्थान पर पहुंच गया।
इसके बाद अभियुक्त कृष्ण भगवान ने मनोज कुमार को रुपये दिलाने के बहाने टड़िया गांव के प्रधान के पास चलने के लिए कहकर अपने साथ साइकिल से ले गया। पीछे से भरत सिंह एवं सूरज उर्फ राजेश मोटरसाइकिल से उनका पीछा कर रहे थे। अभियुक्त कृष्ण भगवान ने पहले से ही दोनों शूटरों को बता दिया था कि उसके साथ साइकिल पर चल रहा व्यक्ति ही लक्ष्य है। पटपरा गांव के समीप पहुंचने पर अभियुक्त कृष्ण भगवान ने योजना के अनुसार बातचीत के दौरान रास्ता भूल जाने का बहाना बनाया और वापस लौटने की बात कही। कुछ दूरी पर पहुंचकर उसने पेशाब करने का बहाना बनाकर साइकिल रोक दी, जिससे मनोज कुमार भी रुक गया। इसी दौरान मोटरसाइकिल से आगे निकल चुके भरत सिंह एवं सूरज उर्फ राजेश वापस लौटे और मनोज कुमार को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया।

पूछताछ में अभियुक्त कृष्ण भगवान ने बताया कि सूरज उर्फ राजेश ने सबसे पहले मनोज कुमार के सिर में गोली मारी, जिससे वह साइकिल समेत सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद उसकी मृत्यु सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दूसरी गोली उसके सीने में मारी गई। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर मोटरसाइकिल से रिंग रोड के रास्ते बिहार की ओर फरार हो गए, जबकि अभियुक्त स्वयं टड़िया गांव के रास्ते अपने सरकारी आवास पर लौट आया।

अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि हत्या की सुपारी की शेष धनराशि में से लगभग 1,05,000 रुपये घटना से कुछ घंटे पूर्व ही उसके द्वारा भरत सिंह के खाते में जमा कराए गए थे। घटना के बाद पुलिस की नजर से बचने और स्वयं को सामान्य दर्शाने के उद्देश्य से वह अपनी रेलवे ड्यूटी पर चला गया तथा पीडीडीयू जंक्शन से ट्रेन द्वारा अपने नियमित कार्य पर निकल गया। बाद में पुलिस द्वारा साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण एवं पूछताछ के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अभियुक्त ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि आर्थिक लेन-देन के विवाद, लगातार तकादे तथा अपनी बहू के प्रति मृतक के कथित अनुचित व्यवहार से क्षुब्ध होकर उसने सुनियोजित ढंग से सुपारी देकर मनोज कुमार की हत्या कराई।

पुलिस कार्यवाही-
थाना अलीनगर पुलिस एवं सर्विलांस टीम द्वारा घटना के अनावरण के दौरान तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त हत्याकांड में शामिल दोनों शूटर बिहार राज्य के निवासी हैं। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल एक शातिर शूटर सूरज उर्फ राजेश यादव निवासी जनपद भोजपुर, बिहार को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त को उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त असलहे की बरामदगी हेतु लेकर जाया गया। कुरहना अंडर पास से 100 मीटर दूर कैली अंडर पास घटनास्थल पर पहुँचकर अभियुक्त को वाहन से उतारा गया तथा पुलिस टीम द्वारा चारों ओर से सुरक्षा घेरा बनाकर उसे बरामदगी हेतु आगे ले जाया गया। बरामदगी की वीडियोग्राफी एवं ई-साक्ष्य एप के माध्यम से डिजिटल साक्ष्य संकलन की कार्यवाही भी की जा रही थी। इसी दौरान अभियुक्त ने झाड़ियों में छिपाकर रखी पूर्व से लोडेड पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर भागने का प्रयास किया गया। तत्पश्चात पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त सूरज उर्फ राजेश के दोनों पैरों में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिया गया है।
उपरोक्त गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 352/2026 धारा 109(1) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

उपरोक्त गिरफ्तारी एवं बरामदगी की उल्लेखनीय सफलता के संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी द्वारा पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु ₹50,000 (पचास हजार रुपये) के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।

गिरफ्तार अभियुक्त-
1.कृष्ण भगवान सिंह पुत्र स्व. अमावस सिंह निवासी भदेसरी, थाना बगेनगोला, जनपद बक्सर (बिहार), हाल पता क्वार्टर नं. 1665 मानस नगर, थाना अलीनगर, जनपद चन्दौली।
2.सूरज कुमार उर्फ राजेश पुत्र नन्दजी सिंह निवासी पुलिस का डेरा, थाना जगदीशपुर, जनपद भोजपुर (आरा), बिहार।

बरामदगी विवरण-
01 पिस्टल .32 बोर (हत्या में प्रयुक्त)
02 खोखा कारतूस .32 बोर
02 जिन्दा कारतूस .32 बोर (मैगजीन से बरामद)