दिल्ली

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी उत्तर प्रदेश ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा है कि दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आज संपन्न हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में लिए गए निर्णय ने लोकतंत्र की सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर मजबूत संदेश दिया है। इस बैठक में घटक दलों ने आपसी गिले शिकवे भूलकर एकजुट रहने और मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करने और भविष्य की साझा राजनीतिक रणनीति पर मिलकर काम करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से अलग होकर 1998 में अपनी अलग राजनीतिक राह चुनने वाली ममता बनर्जी की आज INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस नेतृत्व सोनिया गांधी के साथ आत्मीय मुलाकात भारतीय राजनीति में एक बड़ा संदेश है। राजनीति में मतभेद होते रहते हैं, चुनावी मैदान में आरोप-प्रत्यारोप भी होते हैं,वैचारिक टकराव भी होता है।लेकिन जब लोकतंत्र,संविधान,और जनता के अधिकारों पर संकट की बात आती है,तब विपक्षी दलों का साथ आना एक स्वाभाविक राजनीतिक प्रक्रिया बन जाती है। जो लोग वर्षों से विपक्षी एकता को असंभव बताते रहे,जो कहते थे कि अलग-अलग क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल कभी एक मंच पर नहीं आ सकते, उनके लिए यह तस्वीर एक जवाब है। यह तस्वीर बताती है कि लोकतंत्र में संवाद के दरवाजे कभी बंद नहीं होते। आज देश में बेरोजगारी,महंगाई, किसानों की समस्याएं,पेपर लीक, संस्थाओं की निष्पक्षता,सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना जैसे मुद्दों पर सवाल उठ रहे हैं ऐसे समय में विपक्षी दलों का एक साथ बैठना और साझा रणनीति बनाना भारतीय लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण और मजबूत प्रक्रिया है। सत्ता पक्ष के समर्थक इस तस्वीर को देखकर असहज हो सकते हैं,क्योंकि उन्हें वर्षों से यही बताया गया कि विपक्ष बिखरा हुआ है,नेतृत्वहीन है और एक-दूसरे का चेहरा तक नहीं देख सकता लेकिन राजनीति में तस्वीरें कभी-कभी भाषणों से ज्यादा प्रभाव छोड़ती हैं। यह सिर्फ गले मिलने का क्षण नहीं है,बल्कि एक राजनीतिक संदेश है, कि विचारों में अंतर होने के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के मुद्दों पर साथ खड़ा हुआ जा सकता है।
देखना यह है कि यह तस्वीर आने वाले दिनों में भारतीय राजनीति की दिशा बदलने की प्रतीक बनती है या केवल एक राजनीतिक शिष्टाचार का क्षण साबित होती है। इतना तय है कि इस तस्वीर ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और सत्ता के गलियारों तक इस संदेश ने खलबली मचा दी है।




