
चंदौली

आरपीएफ डीडीयू की टीम प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन की चंदा गुप्ता,चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम द्वारा डीडीयू स्टेशन पर अभियान चलाया गया। गाड़ी संख्या 12487 सीमांचल एक्सप्रेस (जोगबनी-आनंद विहार) के प्लेटफार्म संख्या 6 पर आगमन उपरांत गाड़ी को चेक करने पर पीछे के जनरल कोच में कुल 6 नाबालिक बच्चों को डरे सहमें हालत में देखा गया। जिनके साथ एक व्यक्ति भी संदेहास्पद अवस्था में देखा गया। जिनसे पूछताछ के उपरांत मामला संदिग्ध पाते हुए सभी नाबालिग बच्चों एवं इनको ले जा रहे व्यक्ति को गाड़ी से नीचे उतारा गया एवं आवश्यक पूछताछ हेतु डीडीयू पोस्ट पर लाया गया। नाबालिक बच्चों के परिजनों से भी समन्वय कर आवश्यक जांच पड़ताल किए जाने पर बताया गया कि सभी नाबालिग बच्चों को ले जाने वाले व्यक्ति मोहम्मद मोसब्बिर आलम उम्र 30 वर्ष पुत्र मोहम्मद अनवर आलम निवासी- काककुर्वा बस्ती थाना- अररिया, जिला- अररिया,बिहार के साथ सभी 6 बच्चे अररिया से दिल्ली की एक खिलौना बनाने वाली कंपनी में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहे हैं।साथ ही सभी बच्चों ने बताया कि इनको मजदूरी के एवज में 12 घंटा काम करने के बदले ₹ 7 हजार से 8 हजार प्रति माह दिया जाता।अभी बच्चों को ले जाने के लिए गाड़ी का किराया एवं खाने पीने का खर्च ले जाने वाले व्यक्ति मोसब्बिर द्वारा दिया गया है। बरामद बच्चों ने पूछताछ में अपना नाम पता मोहम्मद आसिफ आलम 13 वर्ष, मोहम्मद परवेज 14 वर्ष, शाहनवाज 17 वर्ष,शाहबाज 14 वर्ष, ग़ालिब 14 वर्ष, मोहम्मद राशिद 14 वर्ष सभी निवासी अररिया, जिला- अररिया, बिहार बताए।पूछताछ उपरांत मामला बाल मजदूरी का पाए जाने पर रेस्क्यू किए गए सभी 06 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द किया गया एवं इनको बल मजदूरी हेतु ले जाने वाले उक्त व्यक्ति मोहम्मद मोसब्बिर को अग्रिम कार्यवाही वास्ते कोतवाली मुगलसराय को अग्रसारित किया गया है।जहां अग्रिम विधिक कार्यवाही कोतवाली मुगलसराय द्वारा की जाएगी।इस अभियान में आरपीएफ के उप निरीक्षक विजय बहादुर राम,आरक्षी दीपक सिंह,बृजेश सिंह,संतोष त्रिपाठी,अशोक यादव,सीआईबी के प्रधान आरक्षी विनोद यादव,बचपन बचाओ आंदोलन की चंदा गुप्ता,चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुजीत कुमार आदि शामिल रहे।
सादर