लखनऊ

कांग्रेस पार्टी ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने एक विज्ञप्ति में बताया है कि ज्योति बा फुले जयंती पर 11 अप्रैल को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में कांग्रेस पार्टी के ओबीसी विभाग ने प्रदेश स्तरीय जातिगत जनगणना हक हमारा सम्मेलन का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200 वीं जन्म जयंती के अवसर पर वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस के रूप में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा यह केवल एक आयोजन ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, भागीदारी और वैज्ञानिक जाति जनगणना की मांग को मजबूत करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि 1881 से 1931 तक जातिगत जनगणना नियमित रूप से होती थी लेकिन 1941 से इसे प्रकाशित नहीं किया गया। जातिगत जनगणना सामाजिक न्याय, सटीक सरकारी नीतियों और हाशिए पर पड़े समुदायों की संसाधनों में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का एक प्रमुख साधन है। इसके माध्यम से मिलने वाले सही आंकड़ों से पिछड़ों दलितों और आदिवासियों के लिए विकास योजनाएं और आरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना वास्तविक जनसंख्या के आधार पर वंचित वर्गों को उनका हक, सम्मान और प्रतिनिधित्व दिलाने की वर्षों पुरानी मांग का हिस्सा है, जिससे वंचित समाज का समावेशी विकास संभव है।
उन्होंने कहा कि जाति जनगणना का उद्देश्य जातियों की सही संख्या जानकर उनके विकास के लिए सही नीतियां बनाना है। यह सामाजिक न्याय क्षमता और प्रतिनिधित्व का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना से 90 फ़ीसदी वंचित/पिछड़े वर्ग की आबादी को उनकी भागीदारी का हक मिलेगा।





