पुलिस अधीक्षक चन्दौली की अध्यक्षता में जनपद के समस्त फाइनेंस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
चंदौली

जनपद में संचालित माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की गतिविधियों की समीक्षा एवं कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक चन्दौली आकाश पटेल की अध्यक्षता में अपर पुलिस अधीक्षक सदर, अनन्त चन्द्रशेखर के द्वारा आज दिनांक 07.अप्रैल को पुलिस लाइन्स चन्दौली स्थित सभागार कक्ष में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न माइक्रो फाइनेंस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं जिसमें फाइनेंस एजेंसी के प्रतिनिधियों द्वारा EMI न देने कि दशा में वाहन स्वामी के साथ जबरदस्ती कर गाड़ी जब्त कर ली जाती है। इसमें अक्सर झगड़ा होता है, ग्राहक का उत्पीड़न होता है एवं बड़ी घटना होने की संभावना बनी रहती है। इसके दृष्टिगत यह आवश्यकता महसुस हुई कि इस सम्बन्ध में जनपद के समस्त फाइनेंस एजेंसियों के साथ वार्ता स्थापित की जाए।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक द्वारा बैठक करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी दशा में ऋण वसूली के दौरान अवैध दबाव, जबरदस्ती या गुंडई का सहारा न लिया जाए। यदि किसी भी एजेंट या कर्मचारी द्वारा वाहन जबरन खींचने, अभद्रता करने या डराने-धमकाने जैसी शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि एजेंसी के लोगों की भूमिका पाया गई तो उनके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाएगी। दो दिवस पूर्व ही ऐसे एक प्रकरण में अभियोग दर्ज भी कराया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने सभी एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे रिकवरी के लिए निर्धारित विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए ही कार्यवाही करें।
किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल स्थानीय पुलिस से संपर्क स्थापित करें, स्वयं कानून हाथ में लेने का प्रयास न करें।
बैठक में माइक्रो फाइनेंस एजेंसियों के प्रतिनिधि की समस्या सुनी गई व साथ ही साथ यह भी बताया गया कि माइक्रोफाइनेंस बैंक/एजेंसी के सभी कलेक्शन एजेंटों/अन्य कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। यदि किसी प्रकार की कोई भी समस्या हो तो पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी समस्या मे अवगत करा सकते है।




