“जनगणना में OBC का कॉलम गायब – आबादी छुपाने की साजिश : अशोक विश्वकर्मा”
कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने का शुरू किया प्रदेश व्यापी अभियान
वाराणसी


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने जनगणना-2027 को लेकर मोदी सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने 14 अगस्त 2026 को जारी जनगणना अधिसूचना में जानबूझकर OBC का कॉलम नहीं जोड़ा है।
उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने राहुल गांधी के दबाव में OBC जनगणना का वादा किया था, लेकिन अब ओपन-एंडेड सवाल पूछकर हर जाति को सैकड़ों टुकड़ों में बाँटने की साजिश कर रही है।”जब ड्रॉप डाउन लिस्ट ही नहीं होगी तो सही आंकड़ा कैसे आएगा? और जब सही आंकड़ा नहीं आएगा तो आबादी के अनुपात में आरक्षण, और नौकरी में हिस्सेदारी कैसे मिलेगी? ये सीधे-सीधे पिछड़ों के हक पर डाका है।”उन्होंने बिहार और तेलंगाना के जनगणना मॉडल का हवाला देते हुए मांग की है कि जनगणना फॉर्म में अलग से OBC कॉलम जोड़ा जाए और सूचीबद्ध जातियों की ड्रॉप डाउन सूची अनिवार्य की जाए। उन्होंने कहा कि यदि 100 लोग विश्वकर्मा लिखते हैं कोई शर्मा लिखेगा कोई लोहार कोई बढ़ई तो सरकार कहेगी यह अलग-अलग जातियां हैं। जब गिनती ही बिखर जाएगी तो हक कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनगणना फॉर्म में ओबीसी के लिए अलग कालम हो और केंद्र व राज्य की सूची में दर्ज सभी ओबीसी जातियों की लिस्ट प्रगणक के पास हो ताकि सही-सही गिनती हो सके तभी आबादी के हिसाब से नौकरी शिक्षा और योजनाओं में हिस्सेदारी तय हो पाएगी। इसको लेकर कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग ने पूरे प्रदेश में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने का अभियान शुरू किया है।





