दुलहीपुर/चंदौली

फ्लोरेंस स्कूल में आज छात्र-छात्राओं ने गुरु पूजा पर्व धूमधाम से मनाया। विद्यार्थियों ने शिक्षकों को तिलक लगाकर और पुष्प देकर उनका सम्मान किया। इस मौके पर गुरु वंदना, भजन और संस्कृत श्लोक का गायन हुआ। कार्यक्रम के आरंभ में विद्यालय के प्रबंध निदेशक अशोक कुमार ने महर्षि वेदव्यास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर गुरु शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की गुरु पूजा का पावन पर्व गुरु शिष्य परंपरा को समझने और महर्षि वेदव्यास के योगदान को याद करने तथा ज्ञान और समर्पण का प्रतीक पर्व है। उन्होंने कहा कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, इसके साथ ही गौतम बुद्ध ने आज ही के दिन सारनाथ में अपना प्रथम उपदेश दिया था। जिससे बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग उपदेश स्मृति दिवस मनाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु पूजा पर्व संस्कार ज्ञान और समर्पण का संगम है। यह पर्व गुरु के प्रति कृतज्ञता और निष्ठा व्यक्त करने का अवसर है। सच्चा गुरु केवल किताबी शिक्षा नहीं बल्कि शिष्य के चरित्र, विनम्रता और नैतिक मूल्यों का निर्माण करता है। गुरु का अर्थ अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का बोध कराना है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।





