वाराणसी

आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय, डोमरी, रामनगर, वाराणसी में शुक्रवार को आईआईटी रुड़की के सहयोग से “वर्चुअल लैब” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं एवं शिक्षकों को वर्चुअल लैब की उपयोगिता, इसकी कार्यप्रणाली तथा प्रयोगात्मक शिक्षा में इसके प्रभावी उपयोग से परिचित कराना था।
कार्यशाला में आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग से आए प्रोजेक्ट एसोसिएट चेतन धीमान, अमित शर्मा एवं रोहन वाधवा ने वर्चुअल लैब से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्चुअल लैब शिक्षा मंत्रालय की National Mission on Education through ICT (NME-ICT) के अंतर्गत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न विषयों के प्रयोगों को ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से समझ और कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने वर्चुअल लैब की अवधारणा, उसके विकास एवं उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग सहित विभिन्न विषयों के प्रयोगात्मक अध्ययन को अधिक सहज और प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यशाला में डेटा स्ट्रक्चर, लिंक्ड लिस्ट, बबल सॉर्ट आदि से संबंधित प्रयोगों का प्रदर्शन भी किया गया। प्रतिभागियों को वर्चुअल लैब पर प्रयोग करने तथा उसके विभिन्न डिजिटल संसाधनों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया और वर्चुअल लैब के माध्यम से प्रयोगात्मक शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर वर्चुअल लैब के विभिन्न शैक्षणिक उपयोगों तथा पाठ्यक्रम में इसके समावेशन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किया गया। कार्यशाला का संचालन अनामिका तिवारी एवं अतिथियों का सम्मान तथा धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय की सीएमओ अपूर्वा पाण्डेय द्वारा किया गया। महाविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्राओं ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता किया।






