लैंडलेस OBC वर्ग के लिए आरक्षण में अलग कोटा तय हो, शिल्पकार समाज के लिए भूमिहीन पट्टा योजना शुरू करे सरकार – अशोक कुमार विश्वकर्मा
वाराणसी

ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने आज प्रेस वार्ता कर कहा कि देश में OBC आरक्षण की सबसे बड़ी विसंगति यह है कि इसका लाभ उन तक नहीं पहुंच रहा जिनके पास जमीन तक नहीं है।
विश्वकर्मा ने कहा, “OBC समाज में एक बड़ा तबका ऐसा है जिसे हम लैंडलेस OBC कहते हैं। ये वो लोग हैं जिनके पास अपने नाम एक इंच भी खेती योग्य जमीन नहीं है। बढ़ई, लोहार, बुनकर, कुम्हार, नाई, माली, राजमिस्त्री जैसे पारंपरिक शिल्पकार समाज पीढ़ियों से भूमिहीन हैं। आजादी के 78 साल बाद भी ये बड़े किसानों के खेतों में दिहाड़ी मजदूर हैं।” उन्होंने कहा, “सरकार 27% OBC आरक्षण देती है, पर हकीकत यह है कि इस आरक्षण का 80% हिस्सा कुछ गिनी-चुनी मजबूत, संगठित और जमीनदार पिछड़ी जातियां हड़प लेती हैं। भूमिहीन, असंगठित और गरीब दस्तकार समाज का बच्चा संसाधन के अभाव में प्रतियोगिता से बाहर हो जाता है। यही कारण है कि आरक्षण होते हुए भी लैंडलेस OBC आज भी गरीबी रेखा के नीचे है।”
विश्वकर्मा ने सरकार से मांग की है कि –
1. रोहिणी आयोग की सिफारिशें लागू हो: OBC के अंदर सब-कैटेगराइजेशन तुरंत लागू किया जाए और लैंडलेस OBC / अति-पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए आरक्षण में अलग कोटा सुनिश्चित किया जाए।
2. रोजगार और आवास में प्राथमिकता: लैंडलेस OBC परिवारों को मनरेगा में 100 की जगह 200 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाए और प्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाए।
3. शिल्पकार भूमि पट्टा योजना: भूमिहीन विश्वकर्मा / शिल्पकार समाज के लिए केंद्र व राज्य सरकार अलग से “शिल्पकार भूमि पट्टा योजना” शुरू करे, जिसके तहत खेती और आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए।
4. जातिवार जनगणना: उत्तर प्रदेश में लैंडलेस OBC वर्ग की जातिवार जनगणना कराकर उनके सामाजिक-आर्थिक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं, ताकि नीतियां उसी के आधार पर बनें।
श्री विश्वकर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने लैंडलेस OBC वर्ग की मांगों को अनसुना किया तो महासभा पूरे उत्तर प्रदेश में गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाएगी और हक-अधिकार के लिए बड़ा आंदोलन करेगी।






